Aarti shri khatu shyam ji ki

Posted by Admin on May 25, 2012  • 

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Lyrics Aarti shri khatu shyam ji ki

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे | खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे || ॐ रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे | तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े || ॐ गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे | खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले || ॐ मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे | सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे || ॐ झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे | भक्त आरती गावे, जय - जयकार करे || ॐ जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे | सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम - श्याम उचरे || ॐ श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे | कहत भक्त - जन, मनवांछित फल पावे || ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे | निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे || ॐ