श्री राधा-कृष्णा जी की आरती (हिन्दी में) | Shree Radha-Kriahna Ji Ki Aarti

Posted by Admin on May 25, 2012  • 

Download MP3 Listen More Bajrangbali Bhajan

 

Lyrics श्री राधा-कृष्णा जी की आरती (हिन्दी में) | Shree Radha-Kriahna Ji Ki Aarti

आरती युगलकिशोर की कीजै, तन मन न्यौछावर कीजै || गौरश्याम मुख निरखन दीजै, प्रेम स्वरुप नयन भरी पीजै || रवि शशि कोटि बदन की शोभा, ताहिं निरिख मेरो मन लोभा || मोर मुकुट कर मुरली सोहै, नटवर वेषनिरख मन मोहैं || ओढे पीत नील पट सारी, कुंजबिहारी गिरिवरधारी || रूप मनोहर मंगलकारी, आरती करत सकल ब्रजनारी || नन्द-नंदन वृषभानू किशोरी, परमानन्द प्रभु अविचल जोरी || आरती जुगलकिशोर की कीजै, तन मन धन न्योछावर कीजै ||